Saturday, August 10, 2019

पवित्रता

पवित्रता ..
सिद्ध नहीं होती
कायाकल्प से,
रंग से,
मापदण्ड नहीं होते,
संरचना कोई
परिभाषित नहीं करती
पवित्रता को ...
नश्वर देह की
परिवर्तनशीलता
पवित्रता-निर्धारण
नहीं करती ।

मन की सौन्दर्यता,
स्वच्छता आत्मा की,
विचारों की उत्तमता ,
अहम् रहित भक्ति ,
गंगाजल समान
नेत्रनीर ..
पवित्रता के
उद्गम होते हैं ...
उच्चता प्राप्त करते
भाव ही
प्रकट करते हैं
पवित्रता ।।

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