पवित्रता ..
सिद्ध नहीं होती
कायाकल्प से,
रंग से,
मापदण्ड नहीं होते,
संरचना कोई
परिभाषित नहीं करती
पवित्रता को ...
नश्वर देह की
परिवर्तनशीलता
पवित्रता-निर्धारण
नहीं करती ।
मन की सौन्दर्यता,
स्वच्छता आत्मा की,
विचारों की उत्तमता ,
अहम् रहित भक्ति ,
गंगाजल समान
नेत्रनीर ..
पवित्रता के
उद्गम होते हैं ...
उच्चता प्राप्त करते
भाव ही
प्रकट करते हैं
पवित्रता ।।
सिद्ध नहीं होती
कायाकल्प से,
रंग से,
मापदण्ड नहीं होते,
संरचना कोई
परिभाषित नहीं करती
पवित्रता को ...
नश्वर देह की
परिवर्तनशीलता
पवित्रता-निर्धारण
नहीं करती ।
मन की सौन्दर्यता,
स्वच्छता आत्मा की,
विचारों की उत्तमता ,
अहम् रहित भक्ति ,
गंगाजल समान
नेत्रनीर ..
पवित्रता के
उद्गम होते हैं ...
उच्चता प्राप्त करते
भाव ही
प्रकट करते हैं
पवित्रता ।।
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