तुझको सोचूँ तो पल-पल सँवरती रहती हूँ ,
धीरे-धीरे, हौले-हौले महकती रहती हूँ ।
सारे कायनात की खूबसूरती मुझमें समा जाती है ,
तुझे सोच-सोच कर हिना सी निखरती रहती हूँ ।।
धीरे-धीरे, हौले-हौले महकती रहती हूँ ।
सारे कायनात की खूबसूरती मुझमें समा जाती है ,
तुझे सोच-सोच कर हिना सी निखरती रहती हूँ ।।
❤️❤️
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