Tuesday, May 14, 2019

इस धूप के सफ़र में

इस धूप के सफ़र में
फूलों सा बदन
कुम्हलाया जा रहा है मेरा ...
बाट जोह रही है आँखें
कुछ शीतल पवनों की ..
भरी दुपहरी चाकरी करते
जी अलसाया जा रहा है मेरा ...
#अनुश्री_श्री

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