बस तुम हो
नींद ..
मीलों दूर है
आँखों से ,
आँखों में
बस तुम हो ।
बूंदें..
टपटपा रहीं हैं
आँगन में ,
मन में
बस तुम हो ।।
ख्वाहिशें ..
हजार उमड़ रहीं
सीने में ,
साँसों में
बस तुम हो ।।।
हवायें ..
शोर कर रहीं
खिड़कियों पर ,
बातों में
बस तुम हो ।।।।
कविता ..
प्रेम कर रही
रातों में ,
रातों में
बस तुम हो ।।।।।
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