Wednesday, January 1, 2020

प्रेम

मैं तुमसे प्रेम करती हूँ,
यह अधिक महत्वपूर्ण नहीं।
किन्तु
मैं तुम्हारे प्रेम को जीती हूँ,
मरती हूँ प्रति क्षण
तुम्हारे प्रेम में,
यह अत्यंत महत्वपूर्ण है ..
क्योंकि 'करना' तो
मात्र एक क्रिया है,
जो समय के साथ
वर्तमान से भूत में
परिवर्तित हो जाती है।
परंतु 'जीना' व 'मरना'
शाश्वत प्रक्रियाएँ है,
जो सभी परिवर्तनों के बाद भी
चलती रहतीं हैं
निर्बाध गति से
अपरिमित काल तक।।


2 comments: